UP Bakri Palan Yojana 2025 : दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बकरी पालन योजना शुरू किया गया है। इस योजना के तहत जो भी प्रदेश के बेरोजगार युवा तथा किसान है, वे इसका लाभ उठा सकते हैं। इसलिए अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, तब यह योजना आपके लिए है।
अगर आप भी बकरी पालन व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन आपके पास पैसा नहीं है। तो भी आप इस योजना के तहत सहायता धनराशि लेकर छोटे स्तर पर बकरी का व्यवसाय कर सकते हैं। कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाकर धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं। इस योजना में आवेदन कैसे करें, क्या क्या दस्तावेज लगेगा, कौन लोग आवेदन कर सकते हैं आदि पूरी जानकारी बताया गया है।
उत्तर प्रदेश बकरी पालन योजना क्या हैं?
बकरी पालन योजना कई राज्यों में शुरू किया गया है। अपने राज्य में बेरोज़गारी दर को कम करने तथा बकरी पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू किया है। उसी आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने राज्य में पढ़ें लिखे बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा बकरी पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू किया हैं।
इस योजना के अंतर्गत बकरी पालन व्यवसाय करने में कुल लागत का 50% की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस योजना के तहत लाभार्थी 20 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का लोन ले सकता है। सरकार द्वारा 5 श्रेणियों में इस योजना को शुरू किया गया है। जैसे – अगर आप 100 बकरी पालन करते हैं तो सरकार द्वारा 5 बीजू बकरे दिए जाएंगे। अगर आप 200 बकरी पालन करते हैं तो 10 बीजू बकरे दिए जाएंगे। अब इन सभी में पशुपालक द्वारा जो भी लागत लगाया जाएगा उसका 50% सरकार द्वारा छूट दिया जाएगा।
उदाहरण : जैसे अगर आपने इस योजना के तहत बकरी पालन व्यवसाय में 1 लाख रुपए खर्च किया है। तो सरकार द्वारा 50% की छूट यानि 50 हजार रुपए सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस प्रकार से अगर आपके पास बकरी पालन व्यवसाय के लिए पैसा नहीं है, तो इस योजना के तहत कम खर्च में अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
बकरी पालन लोन सब्सिडी UP
उत्तर प्रदेश में बकरी पालन योजना के तहत कुल लागत का 50% की सब्सिडी दी जाती है। जैसे – अगर आपने ₹100000 लगाकर बकरी पालन व्यवसाय शुरू किया है, तो आप इस योजना के तहत ₹50000 की सब्सिडी पा सकते हैं।
यूपी बकरी पालन स्कीम का लाभ और विशेषताएं
- राष्टीय पशुधन मिशन यानि National Livestock Mission के तहत इस योजना को शुरू किया गया है।
- इस योजना के तहत अगर व्यक्ति 100 से 500 बकरी की 5 यूनिट लगाता है तो उसे अधिकतम 50% तक का अनुदान दिया जाएगा।
- इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को 5 श्रेणी में अनुदान दिया जाएगा।
- बकरी पालन योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक को पशुपालन प्रशिक्षण लेना होगा।
- बकरी पालन व्यवसाय हेतु किसानों को पर्याप्त जमीन तथा अन्य जरूरी उपकरण लगाने होंगे और उसका प्रमाण भी दिखाना होगा।
- अगर कुछ लोग एक साथ मिलकर इस योजना का लाभ पाना चाहते हैं। तो इसके लिए स्वयं सहायता समूह या कृषि उत्पादक संगठन बनाकर आवेदन कर सकते हैं।
- इस योजना के तहत लाभार्थी 20 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए तक लोन ले सकता है।
- इस लोन को चुकाने के लिए बहुत ही कम मासिक किस्त पर लोन दिया जाता है।
- इस योजना के तहत पढ़े-लिखे युवा, बेरोजगार युवा, किसान, छोटे पशुपालक भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
- बकरी पालन व्यवसाय शुरू करके मोटी कमाई कर सकते हैं। जैसे – बकरी बेचकर, बकरी का बच्चा बेचकर, बकरे का मांस बेचकर, बकरी का मल-मूत्र (खेतों के लिए खाद) बेचकर अच्छा कमाई कर सकते हैं।
UP Bakri Palan Yojana Online Apply Process.
अगर आप भी घर बैठे इस योजना में आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए निम्न स्टेप फालो करें-
- सबसे पहले आपको National Livestock Mission पोर्टल पर जाना होगा।
- होम पेज पर ही आपको National Livestock Mission के नीचे “Apply Here” पर क्लिक कर देना है।

- इसके बाद Welcome to NLM में आप्शन में तीर के सामने “Login as Enterpreneur” पर क्लिक कर देना है।

- इसके बाद Welcome to NLM दिखाई देगा, Mobile Number – अपना मोबाइल नंबर डालें तथा कैप्चा कोड भरें।

- अब आपके सामने एप्लीकेशन फार्म खुल जाएगा, यहां पर सभी जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड करके Submit बटन पर क्लिक कर देना है।
- इस प्रकार से आप घर बैठे अपने मोबाइल फोन से आनलाइन उत्तर प्रदेश बकरी पालन योजना में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
कौन लोग आवेदन कर सकते हैं?
- आवेदक स्थायी रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- आवेदक को पशुपालन प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है।
- बकरी पालन के लिए पर्याप्त जमीन तथा अन्य जरूरी इंतजाम करना होगा।
- कानून की धारा 8 के तहत गठित कंपनी (किसान सहकारी समितियां, किसानों के संयुक्त देयता समूह) भी आवेदन के पात्र होंगे।
उत्तर प्रदेश बकरी पालन व्यवसाय के लिए दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड
- आवेदक का आय प्रमाण पत्र
- आवेदक का बैंक पासबुक
- आवेदक का निवास प्रमाण पत्र
- आवेदक का मोबाइल नंबर
- आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो
- बकरी पालन संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- जमीन का खसरा खतौनी (जहां पर बकरी पालन करेंगे)
- अगर जमीन लीज पर हैं तो लीज एग्रीमेंट की कापी
- इस योजना के तहत अगर बैंक से लोन लिया गया है तो बैंक का सहमति पत्र
- जिस श्रेणी में यूनिट लगाना है उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
इन 5 श्रेणियों में मिलेगा अनुदान
- अगर आप 100 बकरी और 5 बीजू बकरे की यूनिट लगाते हैं तो इसमें कुल 20 लाख रुपए का खर्च आता है। जिसमें से 10 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा।
- अगर आप 200 बकरी और 10 बीजू बकरे की यूनिट लगाते हैं तो इसमें कुल 40 लाख रुपए का खर्च आता है। जिसमें से 20 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा।
- अगर आप 300 बकरी और 15 बीजू बकरे की यूनिट लगाते हैं तो इसमें कुल 60 लाख रुपए का खर्च आता है। जिसमें से 30 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा।
- अगर आप 400 बकरी और 20 बीजू बकरे की यूनिट लगाते हैं तो इसमें कुल 80 लाख रुपए का खर्च आता है। जिसमें से 40 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा।
- अगर आप 500 बकरी और 25 बीजू बकरे की यूनिट लगाते हैं तो इसमें कुल 1 करोड़ रुपए का खर्च आता है। जिसमें से 50 लाख रुपए की सब्सिडी सरकार द्वारा दिया जाएगा।
बकरी पालन से होने वाली कमाई
बकरी पालन की कमाई अलग-अलग बातों पर निर्भर करती है। जैसे – कितनी बकरी है, किस नस्ल की बकरियां है, बकरियों का खानपान कैसा है, बकरी पालन की जगह कैसी है आदि। लेकिन मैं आपको एक उदाहरण लेकर समझता हूं।
- उदाहरण : अगर आप छोटे स्तर पर 50 बकरी से अपना व्यवसाय शुरू करते हैं तो-
- अगर एक बकरी एक साल में 4 बच्चे को जन्म देती है, तो 50 बकरी की संख्या बढ़कर एक साल में 200 हो जायेगा।
- अगर एक बकरी 1.5 साल में 30 किलो की होती हैं तो 200 बकरी का कुल वजन 6000 किलो हो जाएगा। ध्यान दें शुरूआत की 50 मादा बकरियों को छोड़कर हिसाब लगाया जा रहा है।
- अब अगर एक बकरी का मांस 500 रुपए किलों है, तो 6000×500 = 30 लाख रुपए होगा। यानि आप ने लगभग 2 साल में 30 लाख रुपए कमाया।
- अब इसमें से यदि 50 बकरियों की लागत लगभग 4 लाख + 2 लाख चारा (2 साल का) यानि 6 लाख रुपए निकाल दिया जाएं।
- तब भी 24 लाख रुपए की बचत हुई। यानि एक साल में 12 लाख रुपए आपने कमाया और महिने का 1 लाख रुपए होता है।
- तो दोस्तो आपने देखा बस 50 बकरी से व्यवसाय शुरू करके अपने गांव में ही 1 लाख रुपए महिना कमा सकते हैं। और वैसे भी आज के समय में बहुत पढ़ने लिखने के बाद भी 1 लाख रुपए की नौकरी नहीं मिलती हैं।
बकरी पालन व्यवसाय का प्रशिक्षण
आप को भले ही बकरी पालन व्यवसाय की अच्छी जानकारी हो मगर इस योजना का लाभ पाने के लिए आपसे प्रशिक्षण प्रमाण पत्र मांगा जाता है। इसलिए आप बकरी पालन प्रशिक्षण के लिए cirg.res.in पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। या फिर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा से प्रशिक्षण लेकर सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।
बकरी पालन लोन कहां से लें?
नेशनल बैंक फार एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) का मुख्य फोकस छोटे व्यापारी और किसानों को लोन देना है। ताकि छोटे व्यापारी और किसान खुद का रोजगार करके अच्छी कमाई कर सकें। नाबार्ड विभिन्न बैंकों और लोन संस्थानों की मदद से लोन देती है। इसमें निम्न बैंक शामिल हैं। जैसे –
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- राज्य सहकारी बैंक
- कमर्शियल बैंक
- राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक
- शहरी बैंक
- नाबार्ड योजना का लाभ उठाने हेतु वित्तीय संस्थाएं
500 मादा बकरी और 25 नर बकरे के लिए ब्रीडर बकरी फार्म की स्थापना
दोस्तों जैसे मान लीजिए अगर आप 500 बकरी और 25 बकरे से व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। तो इसके लिए लगभग 1 करोड़ रुपए का लागत आयेगा। हालांकि सरकार द्वारा 50 लाख रुपए की सब्सिडी दिया जाएगा। उद्यमिता के तहत वित्त पोषण के लिए पात्र मदों की एक सांकेतिक सूची
क्रं सं. | विवरण | इकाई |
1. | पेरेंटिंग स्टाक के लिए आवास शेडों का निमार्ण (55×100 फुट) | 5500 वर्ग फुट |
2. | मेमनों के लिए शेड और बीमार पशुओं के लिए बाड़ा | 3500 वर्ग फुट |
3. | बकरी की संख्या | 500 |
4. | बकरे की संख्या | 25 |
5. | परिवहन लागत | 525 |
6. | चारे की खेती | 5 एकड़ |
7. | चारा कटर | 2 |
8. | एकीकृत साइलेज बनाने की मशीन | 1 |
9. | उपकरण | 525 पशुओं के लिए |
10. | बीमा | 525 पशुओं के लिए |
11. | विविध | आवश्यकतानुसार |
राष्ट्रीय पशुधन मिशन का उद्देश्य
बकरी पालन योजना की शुरुआत इसी मिशन के तहत किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य इस प्रकार हैं।
- लघु जुगाली पशु, सूअर पालन तथा मुर्गी पालन क्षेत्र तथा चारा क्षेत्र में उद्यमिता विकास के माध्यम से रोजगार का सृजन करना है।
- पशुओं का नस्ल सुधार करके पशु उत्पादकता में वृद्धि करना है।
- बकरी का मांस, दूध, अंडा, चारा, ऊन के उत्पादन में वृद्धि करना है।
- चारा और आहार की उपलब्धता को बढ़ाना ताकि लोगों को कमी न हो।
- पशुपालक तथा किसानों के लिए पशुधन बीमा सहित जोखिम प्रबंधन उपायों को बढ़ावा देना है।
- भेड़, बकरी, मुर्गी पालन वाले क्षेत्रों में अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
- उत्पादन लागत को कम करना तथा पशुपालन को बढावा देने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
FAQs
उत्तर प्रदेश में बकरी पालन पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर प्रदेश में बकरी पालन करने वाले पशुपालक और किसानों को योजना के तहत 50% की सब्सिडी दी जाती है।
बकरी पालन के लिए कौन सी बैंक लोन देती है?
बकरी पालन के लिए आप भारतीय स्टेट बैंक से लोन ले सकते हैं।
बकरी पालन लोन के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट चाहिए?
बकरी पालन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, बकरी पालन संबंधित प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, जमीन का खसरा खतौनी (जहां पर बकरी पालन करेंगे), अगर जमीन लीज पर हैं तो लीज एग्रीमेंट की कापी, इस योजना के तहत अगर बैंक से लोन लिया गया है तो बैंक का सहमति पत्र, जिस श्रेणी में यूनिट लगाना है उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
1 बकरी 1 दिन में कितना चारा खाती हैं?
एक बकरी औसतन एक दिन में 4 किलो तक हरा चारा खा लेती हैं।
बकरे को मोटा करने के लिए क्या खिलाना चाहिए?
बकरी और बकरे को मोटा करने के लिए चना और सोयाबीन खिलाना चाहिए।
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